पिता द्वारा बेटे पर दिल को छू लेने वाली कविता। | Poetry in Hindi for father| poems on father in Hindi
मेरे प्यारे बेटे, तुम मेरी आँखों का तारा हो, तुम मेरे सिर का ताज हो।
तुम नहीं जानते कि इतने मन्नत के बाद मैंने तुम्हें कैसे पा लिया।
तुम नहीं जानते कि तुमने मुझे कैसे जीना सिखाया। वो छोटी उंगली मुझे आज भी याद है, जब तुम ने मेरा हाथ अपनी उँगलियों से थाम लिया था, तु मेरे चेहरे को छूता था। तुम मुझे एक पिता की तरह महसूस कराया।
तुम नहीं जानते, इस पिता के दिल में तुम ने कितना जज्बा भर दिया है। मुझे आज भी याद है कैसे में तुम्हें हँसाने के लिए जोकर बनता था,और तुम्हारे साथ खेलने के लिए घोडा बनता था। सिर्फ इसलिए कि मैं तुम्हें हंसते हुए देख सकू जो आनंद तुम्हें बचपन में मिलता था।
तुम्हें मुस्कुराता देख मैं मदहोश हो जाता था। तुम नहीं जानते कि मैंने तुम्हें चलना कैसे सिखाता था। तुम नहीं जानते कि कैसे मैंने तुम्हारी खुशी के लिए खुद को भुलाया। मैंने तुम्हारी हर इच्छा पूरी करके, अपने आप को खुद में तुमको पाया ।
तुम हमेशा मेरे पास रहते थे, तुम मेरे पास ही सोते थे,तुम मेरी परछाई हो कैसे मुझसे दूर रह सकते थे। तुम नहीं जानते कैसे मैने अपने आपको तुम में पाया हैं। मेरे प्यारे बेटे,तुम मेरे दिल का टुकड़ा हो, तू मेरी जिंदगी में एक ख़ुशी की वजह बन के आया है।
तुमने मुझे जीना सिखाया है। तुमने मेरे अरमानों को नए पंख दिए। मैं नहीं जानता कि मैं तुम्हारे प्यार में कितना कमजोर हो गया हूं, कब में एक आदमी से बाप बन गया हूँ।
तुझे धीरे-धीरे बड़ा होते देख मैं खुद को भूल गया हूं, तुम जवान हो गए हो और मैं बूढ़ा हो गया हूं।
आज तुम बड़े हो गए हो, अपने पिता को बुढ़ापे के कफन में ढँकने गए हो।
तुम अपने पिता की उपेक्षा करते हुए अपने निर्णय स्वयं लेने लग गए हो।
थके हुए बूढ़े पिता का सहारा बनने के बजाय, तुम अपने बाप से मुकर गए हो, पुत्र और पिता का सम्बन्ध आत्मा और शरीर के समान है।
जब पुत्र अपने पिता से दूर हो जाता है, तो आत्मा शरीर में क्या करेगी? मेरी रूह भी अब जुदा होना चाहती है,जुदा होकर तुम पर से बोझ कम करना चाहती है।
मेरे प्यारे बेटे,तुम नहीं जानते, कितना चाहा हे मेने तुमको ।
तुम नहीं जानते कैसे मेने तुम्हारे सपनो को पूरा करते करते अपनी जवानी को जलाया है।
आज यह पिता बूढ़ा हो गया है, उसकी आँखें नम हो गई हैं, बस मेरी मदद करो, मैं तुम्हें कैसे बताओ आज इस पिता को फिर से तुम पर प्यार आ गया है।
जब तुम्हारी शादी होगी और फिर तुम पिता बनोगे ।
तुम्हारा परिवार बच्चों की आवाजों से गूंजेगा।
जब तुम बाप बनोगे तब शायद में रहूँ या न रहूँ इस दुनिया में, मेरी दुआए तुम्हारे साथ रहेंगी।
मुझे मत भूलना मेरे बेटे, इस जन्म बस इतना ही, कुछ नहीं लेकर जाऊंगा, तुम्हारी यादें मेरे साथ रहेंगी।
शायद तेरे बच्चों की आवाज़ में मेरी आवाज़ दब जाएगी, पर फिर भी तुझसे मेरा प्यार कम नहीं होगा, तू तब भी मेरा हीरो था और तू आज भी मेरा हीरो है बेटा।
भले ही तुम मेरी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, लेकिन मैं आज भी तुम में हूँ,
और मैं कल तुम में रहूंगा।
यही कामना है एक पिता की।
तुम्हारे चेहरे पर दाढ़ी देखकर। तुम मुझे मेरी जवानी की याद दिलाते हो, संस्कारों को कभी मत भूलना, जो मैंने तुम्हें सिखाया है।
मैं तुमसे प्यार करता हूं बेटे। तू मेरा एक साया है।
(यह उन पिताओं के लिए है जिन्होंने अपना जीवन अपने बच्चों के लिए समर्पित कर दिया है।। पिता बनना सबसे अद्भुत एहसास है, अपने पिता का अनादर न करें।)

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