Love poem in Hindi
एक लड़के की कहानी, कविता के माध्यम से जो किसी से बहुत प्यार करता था ---
Heart touching love poem in Hindi
हाँ, संभाला था हम ने उसको, जब वो अकेली थी, टूटी हुई थी,
रो रही थी।
हाँ, संभाला था हम ने उसको, जब उसकी जिंदगी में कोई नहीं था, उसके अपने उसका साथ छोड़ दिए थे।
वह बार-बार रोती थी, बार-बार डरती थी; विश्वास उसका टूट चूका था, बुरा समय चल रहा था।
हाँ साथ दिया हम ने उसका जब माँगा उसने हमारे साथ,
उसका अकेला दिल उसकी भीगी आंखे ,जैसे बरसात आने वाली हो।
मोहब्बत थी वो, चाहती थी प्यार हमारा ।
हाँ, दी हम ने मोहब्बत उसको, ये कह कर कि तुम्हारी खुशी के लिए कुछ भी।
खुश रहने लगी थी वो, हसने लगी थी वो,
हम लड़ते थे प्यार करते थे, पर साथ कभी ना चोरा उसका।
हाँ, माना था उसको अपना, उसके डर को हमने भगाया था, उसको कामयाबी का रास्ता हम ने दिखाया था,
उसकी जिंदगी सवरने लगी थी, . फिर एक दिन वह गायब हो गई।
हाँ, करते थे दुआ वो जहाँ भी होगी खुश होगी, सोचते थे उसके बारे में हर रोज़ हर लम्हा।
फिर एक दिन, कुछ साल बाद, उसी का कॉल, उसी का आवाज़ कहती हे: में कामयाब हो गई, मेरा करियर बन गया।
हम बहुत खुश थे, दुआ कबूल हो गई,
जो डरती थी, रोती थी वो हस रही हे कामयाब हो गई ।
फिर उसने एक और बात कह दी:
" नहीं चाहिए अब आपका साथ, में अब आगे निकल गयी हूँ"
अब सब भुला दिया मैंने, में अब खुश हो गयी हूँ
में अब सब भूलना चाहती हूँ,
हां कह दिया हम ने तुम्हारी खुशी के लिए कुछ भी।
और फिर ख़ामोशी, अनजान दुनिया में अनजान ही सही,
हाँ, अब हम अनजान हैं, हमारी मोहब्बत अपमान ही सही।
हाँ करते हैं दुआ जहा हो जैसी हो खुश रहे,
तुम्हारी खुशी के लिए कुछ भी।

0 टिप्पणियाँ