I am not jealous type but what's mine is mine end of story meaning in Hindi



I am not jealous type but what's mine is mine end of story meaning in Hindi




जब कोई किसी को पूरे दिल से प्यार करती है। वह उससे इतना प्यार करती है कि वह उसे खुद से दूर होते हुए नहीं देख सकती।



एक दूसरे से दूर होने का ख्याल ही उसे बेचैन कर देता है। क्योंकि वह उसके बिना नहीं रहना चाहती।


वह उसी के ख्यालों में खोई रहती है।

उसके चेहरे की.मुस्कान का कारण कई बार वही होता है जिसे वह चाहती है ।



जब किसी से लगाव हो जाता है और वह जीवन का हिस्सा बन जाता है और उससे बहुत प्यार हो जाए।

तो वह जीवन में बहुत खास हो जाता है । जीवन का हिस्सा बन जाता है।

ऐसे में अगर कोई उसके उस ख़ास इंसान को उससे दूर करने की कोशिश करे या उससे उसे अलग करने की कोशिश करता है ।

तो वह इसे बर्दाश्त नहीं कर पाती । क्यू की जब किसी चीज़ से भावनात्मक जुड़ाव हो जाता है तो उससे दूर होने में तकलीफ होती है।




और जब चीजें बर्दाश्त से बाहर होने लगती हैं । कोई उसके प्यार को दूर करने लगता है तो वह इसका जोरदार विरोध करती है और कोई इसको ईर्ष्या कहे या कुछ और उसके लिए तो वह जिसको चाहती है वह उसका है बस खत्म कहानी ।




और इसीलिए इस कथन में कहा गया है की में ईर्ष्यालु नहीं हूं जो मेरा है वह मेरा है बस ख़त्म कहानी ।






























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